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Shiv Mar 13, 2026 2 min read

रायपुर। प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार और प्रजनन संबंधी सेवाओं…

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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Shiv Mar 13, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के कटोरा…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे “गौधाम योजना” का शुभारंभ

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Shiv Mar 13, 2026 3 min read

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पट्टीकल्याणा में आरएसएस की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा शुरू, देशभर से 1400 प्रतिनिधि शामिल

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Shiv Mar 13, 2026 5 min read

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EOW-ACB ने बैंक घोटाले में चालान पेश किया, ढाई करोड़ गबन की जांच जारी

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Shiv Mar 13, 2026 2 min read

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March 13, 2026

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पड़ोस नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल के सवाल, सरकार ने रखी रणनीति

नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को भारत की पड़ोस नीति से जुड़ी सामरिक चुनौतियों और क्षेत्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों को लोकसभा में प्रमुखता से उठाया। बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य, हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पड़ोसी देशों में हो रहे राजनीतिक परिवर्तनों के संदर्भ में उन्होंने सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।

सांसद श्री अग्रवाल ने सदन में प्रश्न के माध्यम से पूछा कि मालदीव और बांग्लादेश जैसे देशों में हाल के सत्ता परिवर्तनों और उभरती जन-भावनाओं के बाद क्या भारत सरकार ने पड़ोस में अपने सामरिक प्रभाव का आकलन किया है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों और दोहरे उपयोग वाले बंदरगाह व अवसंरचना के विस्तार को देखते हुए भारत की रणनीतिक और कूटनीतिक तैयारी क्या है।

विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने अपने उत्तर में बताया कि भारत सरकार अपने पड़ोस में हो रहे सभी भू-राजनीतिक घटनाक्रमों की लगातार निगरानी कर रही है और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि मालदीव भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और ‘विजन महासागर’ के तहत एक महत्वपूर्ण साझेदार बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई 2025 में मालदीव के राष्ट्रीय दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। वहीं बांग्लादेश के साथ भारत का सहयोग जन-केंद्रित विकास और आपसी हितों पर आधारित है तथा भारत वहां की नवनिर्वाचित सरकार के साथ सकारात्मक और भविष्योन्मुखी संबंधों को आगे बढ़ा रहा है।

सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में ‘पड़ोसियों को सहायता’ मद के अंतर्गत 4548.56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने यह भी बताया कि नेपाल और श्रीलंका सहित पड़ोसी देशों में भारत द्वारा वित्तपोषित विकास और अवसंरचना परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निरंतर निगरानी और समन्वय किया जा रहा है। श्रीलंका को दी गई भारत की सहायता में 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के रियायती ऋण एवं स्वैप व्यवस्था के साथ लगभग 850 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान भी शामिल है।

इसके साथ ही भारत बिम्सटेक क्षेत्रीय सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, जिसमें संस्थागत क्षमता निर्माण, सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना तथा व्यापार, परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना प्रमुख लक्ष्य हैं।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत के पड़ोसी देशों के साथ मजबूत और संतुलित संबंध न केवल क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक हैं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और क्षेत्रीय सहयोग की पहल आने वाले समय में दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में विकास और सुरक्षा के नए अवसर पैदा करेगी।