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सरकारी राशन दुकान में सेंधमारी, ताला तोड़कर 26 क्विंटल चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटा ले उड़े चोर

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

कवर्धा। जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानो में चोरों…

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय…

छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार…

अवैध प्लाटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 1 एकड़ जमीन पर हो रहे निर्माण पर लगाई रोक

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के…

भाजपा नेता के खेत से 8 करोड़ का अफीम जब्त, मक्के के बीच पांच एकड़ से अधिक में उगाई थी फसल

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Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

March 8, 2026

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जो कहेंगे सच कहेंगे

बाल तस्करी मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने दिए अहम निर्देश

बिलासपुर। बिलासपुर हाईकोर्ट ने हाल ही में चाइल्ड ट्रैफिकिंग के मामले को गंभीरता से लेते हुए इन मामलों में लंबित ट्रायल को शीघ्र पूरा करने के लिए एक अहम और सख्त दिशानिर्देश जारी किया है। जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों को आदेश दते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है की प्रदेश में आये दिन बढ़ती हुई बाल तस्करी से जुड़े सभी मुकदमों को सर्कुलर जारी होने की तिथि से 6 महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाये।
सर्कुलर में विशेष रूप से ये भी निर्देशित किया गया है कि अगर किसी कारण से केस की सुनवाई में देरी हो रही है तो उसका स्पष्ट कारण रिकॉर्ड किया जाए। साथ ही सभी रिपोर्ट को समय-समय पर उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए ताकि मॉनिटरिंग की जा सके।

हाईकोर्ट ने अपने निर्देश में कहा है कि अगर जरुरत हो तो मामलों की रोजाना सुनवाई सुनिश्चित की जाए ताकि तय समयसीमा में ट्रायल पूरा हो सके। कोर्ट ने ये भी दोहराया कि इस दिशा में कोई लापरवाही या देरी न हो क्योकिं ये मामला बच्चों के भविष्य से जुड़े हुए हैं।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ-साफ कहा है कि कोर्ट के इन निर्देशों की भावना को ठीक वैसे ही पालन होना चाहिए जैसे वो लिखे गए हैं। ⁠ बीते कुछ सालों में बाल तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है जिससे समाज में चिंता का माहौल है। हाईकोर्ट का ये निर्णय एक सख्त लेकिन जरुरी कदम माना जा रहा है जो बच्चों की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने की दिशा में असरदार साबित हो सकता है।