Special Story

आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन पर विधानसभा में सवाल, स्वास्थ्य मंत्री से जवाब तलब

आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन पर विधानसभा में सवाल, स्वास्थ्य मंत्री से जवाब तलब

Shiv Mar 11, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान कार्ड का समुचित लोगों को नहीं…

IAS निरंजन दास ने सरकारी खजाने में हेराफेरी की, नहीं दे सकते जमानत : हाईकोर्ट

IAS निरंजन दास ने सरकारी खजाने में हेराफेरी की, नहीं दे सकते जमानत : हाईकोर्ट

Shiv Mar 11, 2026 2 min read

बिलासपुर। प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के…

March 11, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

विधानसभा में जल जीवन मिशन पर बड़ा सवाल: फर्जी दस्तावेज़, गलत भुगतान और टकराव, धरमलाल कौशिक के सवाल पर अरुण साव बोले…

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को जल जीवन मिशन को लेकर प्रश्नकाल में बड़ा हंगामा देखने को मिला। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने योजना में गड़बड़ियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए और विभागीय मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कौशिक ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेज़ के माध्यम से कुछ फर्मों ने अनुबंध लेकर कार्य किया है, लेकिन आज तक उन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पूछा,

“जब आरोप स्पष्ट हैं तो संबंधित फर्मों और दोषियों पर एफआईआर क्यों नहीं की गई?”

जवाब में डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि

“एक फर्म पर एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं कुछ फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। ज्वाइंट वेंचर के मामले लंबित हैं। अफसरों की भूमिका की रिपोर्ट अभी आई नहीं है, रिपोर्ट आते ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।”

धरमलाल कौशिक ने यह भी सवाल उठाया कि विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि जब तक काम पूरा न हो, 70 प्रतिशत से ज्यादा भुगतान नहीं किया जाएगा, लेकिन अब जानकारी सामने आई है कि कुछ ठेकेदारों को 80 प्रतिशत से ज्यादा भुगतान कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या नियमविरुद्ध भुगतान करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी?

इस पर मंत्री अरुण साव ने जवाब दिया कि

“यदि जांच में पाया गया कि भुगतान नियमों के विरुद्ध किया गया है, तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

इस बीच कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के बीच तीखी बहस छिड़ गई। देवेंद्र यादव द्वारा ऊंचे स्वर में बोलने और आक्रामक लहजे पर आपत्ति जताते हुए चंद्राकर ने टोक दिया, जिसके बाद सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को संभालते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा:”विधानसभा कोई सड़क नहीं है भाषण देने के लिए। सभी सदस्य अपनी बात रखें, लेकिन तरीका मर्यादित हो। आसंदी की ओर देखकर, शालीन भाषा में संवाद करें।” डॉ. रमन सिंह ने देवेंद्र यादव को व्यक्तिगत रूप से फटकार लगाते हुए सदन की गरिमा बनाए रखने की चेतावनी दी।