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तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में नमाज प्रकरण पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एसएसपी ने NSS प्रभारी समेत अन्य पर FIR के दिए आदेश

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) के एनएसएस कैंप में जबरन नमाज पढ़वाने के मामले में अब बड़ी कार्रवाई की गई है। बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने खुद कोनी थाना पहुंचकर इस मामले की जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया और तत्काल सख्त कदम उठाते हुए एनएसएस प्रभारी प्रो. दिलीप झा सहित अन्य कार्यक्रम अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं।

गौरतलब है कि 26 मार्च से 1 अप्रैल 2025 तक चले एनएसएस कैंप में कुल 159 छात्रों ने भाग लिया था, जिनमें से केवल 4 छात्र मुस्लिम समुदाय से थे। आरोप है कि 30 मार्च को ईद के दिन छात्रों से जबरन नमाज पढ़वाई गई थी। इस घटना के विरोध में एबीवीपी और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन भी किया था।

इस मामले में पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एनएसएस समन्वयक दिलीप झा को पद से हटाकर उनके स्थान पर प्रोफेसर राजेंद्र कुमार मेहता को नियुक्त कर दिया था और 12 कार्यक्रम अधिकारियों को भी पद से हटा दिया गया था। अब पुलिस भी इस मामले में सक्रिय हो गई है और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, एफआईआर में उन सभी जिम्मेदार अधिकारियों के नाम शामिल होंगे, जिन पर छात्रों से धार्मिक क्रिया-कलाप जबरन कराए जाने का आरोप है। मामले में आगे और भी बड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है।