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युक्तियुक्तकरण के विरोध में शिक्षक साझा मंच का बड़ा ऐलान, 16 जून से काली पट्टी लगाकर करेंगे कार्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तिकरण (Rationalisation) नीति के खिलाफ शिक्षक संगठनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शिक्षक साझा मंच छत्तीसगढ़ ने अपनी ऑनलाइन बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। अब 16 जून से प्रदेश के सभी शिक्षक काली पट्टी लगाकर स्कूल जाएंगे और सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे। साथ ही, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को भी शिक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाले असर की जानकारी दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ के शिक्षक संगठनों की संयुक्त इकाई “शिक्षक साझा मंच” की ऑनलाइन बैठक शनिवार को सम्पन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के सभी 23 शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और युक्तियुक्तकरण नीति के खिलाफ आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया। बैठक में सर्वसम्मति से कई बड़े निर्णय लिए गए, जिनका क्रियान्वयन आगामी दिनों में प्रदेशभर में देखने को मिलेगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 16 जून 2025 से समस्त शिक्षक काली पट्टी लगाकर स्कूल पहुंचेंगे और कक्षाएं संचालित करेंगे। यह विरोध शांतिपूर्ण होगा, लेकिन संदेश स्पष्ट होगा — “शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ नहीं चलेगा।”

शिक्षकों ने ऐलान किया है कि वे शाला प्रवेश उत्सव सहित सभी स्कूल गतिविधियों में काली पट्टी पहनकर ही भाग लेंगे, ताकि सरकार और समाज दोनों को यह संकेत मिले कि शिक्षक वर्ग नीतिगत फैसलों से नाराज़ है।

साथ ही, यह भी तय किया गया है कि स्कूलों में आने वाले जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अभिभावकों को युक्तियुक्तकरण नीति से होने वाले नुकसान की जानकारी दी जाएगी। शिक्षक उन्हें बताएंगे कि किस प्रकार से शालाएं बंद हो रही हैं, शिक्षकों की कटौती की जा रही है और प्रधान पाठक जैसे पद समाप्त किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

इसके अतिरिक्त, मंच ने यह भी निर्णय लिया कि अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र और पोस्टकार्ड के माध्यम से ज्ञापन भेजे जाएंगे। यही नहीं, माननीय मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, बिलासपुर को भी समस्याओं से अवगत कराते हुए पत्र भेजा जाएगा।

आंदोलन के अगले चरण में जुलाई माह में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी। यह धरना सभी विकासखंड मुख्यालयों में एक साथ आयोजित किया जाएगा, जिसमें शिक्षक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

प्रदेश संचालन मंडल में शामिल प्रतिनिधियों — मनीष मिश्रा, केदार जैन, वीरेंद्र दुबे, संजय शर्मा, विकास राजपूत, कृष्णकुमार नवरंग, राजनारायण द्विवेदी, जाकेश साहू, भूपेंद्र गिलहरे, चेतन बघेल, गिरीश केशकर, लैलूंन भरतद्वाज, प्रदीप पांडे सहित अन्य सदस्यों ने इस रणनीति को अंतिम रूप दिया।

शिक्षक साझा मंच का यह स्पष्ट संदेश है कि जब तक युक्तियुक्तकरण की खामियों को दूर नहीं किया जाएगा और 2008 का सेटअप लागू नहीं किया जाएगा, तब तक यह आंदोलन चरणबद्ध रूप से चलता रहेगा।