Special Story

भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में गढ़े हैं नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में गढ़े हैं नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ShivFeb 28, 20254 min read

भोपाल।    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान…

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरूगन और श्री आठवले ने की भेंट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरूगन और श्री आठवले ने की भेंट

ShivFeb 28, 20251 min read

भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार की शाम समत्व…

मध्यप्रदेश में बनेगी साइंस सिटी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश में बनेगी साइंस सिटी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ShivFeb 28, 20251 min read

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दसवीं और बारहवीं के बोर्ड परीक्षार्थियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दसवीं और बारहवीं के बोर्ड परीक्षार्थियों को दी शुभकामनाएं

ShivFeb 28, 20251 min read

रायपुर।    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आगामी दसवीं और बारहवीं…

February 28, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

ACB की बड़ी कार्रवाई, SDM को 10 हजार रिश्वत लेते किया गिरफ्तार, जमीन डायवर्सन के नाम पर मांगा था एक लाख रुपए

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की लगातार कार्रवाई जारी है. आज फिर बेमेतरा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साजा SDM को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. प्रार्थी तुकाराम पटेल की शिकायत पर साजा sdm टेकराम माहेश्वरी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है.

जानकारी के मुताबिक, SDM टेकराम माहेश्वरी ने जमीन डायवर्सन करने के नाम पर तुकाराम पटेल से 1 लाख रुपए की मांग की थी. इसके बाद 25 हजार रुपए में मामला तय हुआ था. आज 10 हजार रुपए लेते हुए एसडीएम को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है.

एसीबी एडिशनल एसपी PD तिर्की ने बताया कि प्रार्थी तुकाराम पटेल की शिकायत के आधार पर आज साजा SDM कार्यालय में छापामार कार्रवाई की गई है. SDM टेकराम माहेश्वरी को रिश्वत की दूसरी किश्त 10 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है. उन्होंने बताया कि एसडीएम ने जमीन डायवर्सन करने के नाम पर 1 लाख रुपए की डिमांड की थी, जिसके बाद 25 हजार में मामला तय हुआ था. प्रार्थी दीपावली के पहले 10 हजार रुपए दे चुका था और दूसरी किस्त 10 हजार रुपए देने की बात तय हुई थी.