Special Story

51 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा पथरिया बायपास : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

51 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा पथरिया बायपास : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ShivFeb 27, 20253 min read

भोपाल।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री…

देश के दिल मध्यप्रदेश में पर्यटन के स्वर्ण युग का हुआ आरंभ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

देश के दिल मध्यप्रदेश में पर्यटन के स्वर्ण युग का हुआ आरंभ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ShivFeb 27, 20253 min read

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिंदुस्तान…

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दंगवाड़ा में की बोरेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दंगवाड़ा में की बोरेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना

ShivFeb 27, 20251 min read

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक चंबल नदी तट पर…

राइस मिल में बड़ा हादसा, लोहे की पाइप गिरने से मजदूर की मौत

राइस मिल में बड़ा हादसा, लोहे की पाइप गिरने से मजदूर की मौत

ShivFeb 27, 20252 min read

धमतरी। जिले के नवागांव खुर्द स्थित साईं एग्रोटेक राइस मिल में…

February 27, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

बड़ा हादसा: एपीएल अपोलो स्टील प्लांट में मजदूर की दर्दनाक मौत, परिजनों के साथ मजदूरों का प्रदर्शन

बलौदाबाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के हथबंद थाना क्षेत्र के ग्राम रिंगनी में स्थित एपीएल अपोलो स्टील प्लांट में एक बड़ा हादसा हुआ है. इस घटना में एक मजदूर रविन्दर यादव की लोहे के वजनी पाइप के नीचे दबने से उसकी मौत हो गई है. यह घटना बीते शाम की है, घटना के बाद कंपनी के लोग आनन-फानन में मजदूर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमगा ले गए, लेकिन मजदूर की पहले ही मौत हो चुकी थी.

वहीं आज मृतक मजदूर के परिजन और बड़ी संख्या में मजदूर साथी अपोलो स्टील प्लांट के गेट के सामने प्रदर्शन कर एक करोड़ रूपये मुआवजा, परिवार के दो लोगों को नौकरी और आजीवन पेंशन देने की मांग कर रहे हैं. मजदूरों के प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में जिले से पुलिस बल भेजा गया है. सूत्र बता रहे हैं कि मांग को लेकर मजदूर संगठन परिजन और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत चल रही है पर बात बन नहीं रही है और मजदूर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

एपीएल अपोलो स्टील प्लांट में काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं कि यहां पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है. बताया जा रहा है कि इसके पहले भी यहां हादसा हो चुका है और छोटे-छोटे हादसे होते रहते हैं जिसे दबा दिया जाता है.

जिले में स्थापित उद्योगों में हो रहे हादसे और मजदूरों की लगातार मौत कही न कहीं उद्योगों द्वारा बरती जा रही सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाता है. वहीं बलौदाबाजार के उघोग प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के उचित कार्रवाई नहीं करने को भी दर्शाता है. सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक मजदूरों की इस तरह मौत होते रहेगी और प्रशासन जांच कार्रवाई की बात को कहते हुए मामला रफादफा करते रहेगी. देखना होगा कि इस घटना के बाद जिले के साथ राज्य शासन उद्योगों द्वारा बरती जा रही सुरक्षा लापरवाही पर क्या कठोर कदम उठाती है.