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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

कवर्धा। जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानो में चोरों…

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय…

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार…

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Shiv Mar 8, 2026 1 min read

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Shiv Mar 7, 2026 2 min read

दुर्ग। दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के द्वारा किए…

March 8, 2026

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जो कहेंगे सच कहेंगे

भूपेश बघेल ने BJP सरकार पर साधा निशाना, कहा – माओवाद को राजनीतिक मुद्दा बनाकर दोहरी राजनीति न कीजिए…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 17 अक्टूबर का दिन इतिहास में दर्ज हो गया, जब 200 से अधिक दुर्दांत नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की। लेकिन इस बड़ी सफलता के बाद अब सियासी हलचल तेज है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जहां गृहमंत्री अमित शाह और राज्य सरकार की सराहना की, वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आत्मसमर्पित नक्सलियों की पहचान पर सवाल उठाए। भाजपा ने इस बयानबाजी को कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान करार दिया है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। बीते एक सप्ताह में 250 से अधिक नक्सलियों ने हथियार डाल दिए, जिनमें से 208 ने जगदलपुर में और 60 नक्सलियों ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में सोनू दादा के नेतृत्व में आत्मसमर्पण किया। इस कदम को सुरक्षा बलों और सरकार की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।इन आत्मसमर्पणों से न केवल बस्तर बल्कि पूरे देश के नक्सल प्रभावित इलाकों में एक मजबूत संदेश गया है कि अब लाल आतंक अपने अंत की ओर है। हालांकि इस उपलब्धि के बीच अब राजनीतिक दलों के बीच “क्रेडिट पॉलिटिक्स” शुरू हो गई है।

भूपेश बघेल का बयान और नई सियासी बहस

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर राज्य और केंद्र सरकार दोनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “नक्सलवाद पर लगाम लगाने में केंद्र और राज्य की संयुक्त कोशिशें कारगर साबित हो रही हैं।” बघेल ने यहां तक कहा कि उनकी सरकार की नीतियों ने नक्सलवाद के खिलाफ जमीनी स्तर पर माहौल तैयार किया था।लेकिन उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर ही हलचल मचा दी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आत्मसमर्पित नक्सलियों की पहचान पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि “क्या ये असली नक्सली हैं या सिर्फ दिखावे के लिए आत्मसमर्पण कराए जा रहे हैं?”

भाजपा का पलटवार

कांग्रेस नेताओं के इन परस्पर विरोधी बयानों पर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि “भूपेश बघेल का बयान कांग्रेस का आधिकारिक रुख है या उनका निजी मत, यह स्पष्ट होना चाहिए।” वहीं मंत्री केदार कश्यप ने तंज कसते हुए कहा कि “जब नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, तो कांग्रेस को खुशी मनानी चाहिए, न कि इस पर राजनीति करनी चाहिए।”भाजपा का कहना है कि कांग्रेस नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर भी श्रेय की राजनीति में उलझी हुई है, जबकि राज्य सरकार और सुरक्षा बल लगातार अपनी जान जोखिम में डालकर बस्तर में शांति स्थापित करने में लगे हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक दौर

पिछले कुछ महीनों में बस्तर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा में नक्सलियों के आत्मसमर्पण की श्रृंखला तेज हुई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार अब बचे हुए नक्सल कमांडरों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार नक्सल आंदोलन कमजोर स्थिति में है और बस्तर जल्द “लाल आतंक मुक्त” हो सकता है।