Special Story

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

ED दफ्तर पहुंचे भूपेश बघेल, बेटे चैतन्य से की मुलाकात — कांग्रेस बोली: राजनीतिक साजिश का शिकार हो रहे हैं हमारे नेता

रायपुर।  शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार किए गए चैतन्य बघेल से मिलने रविवार को उनके पिता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके साथ बेटी और बहू भी मौजूद रहीं।

गौरतलब है कि 18 जुलाई को ED ने चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था, और फिलहाल 22 जुलाई तक वह ईडी रिमांड पर हैं। रायपुर के ED दफ्तर में एक कमरे में उन्हें रखा गया है, जहां अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है।

परिवार से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल आज रात नई दिल्ली रवाना होंगे, जहां वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा कर सकते हैं।

इस मामले को लेकर शनिवार (19 जुलाई) को कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई, जिसमें भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे।प्रेस वार्ता में भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,

“हमारे नेताओं को जबरन फंसाया जा रहा है। पहले पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और विधायक देवेंद्र यादव को निशाना बनाया गया और अब मेरे बेटे चैतन्य बघेल, जो राजनीति में सक्रिय भी नहीं हैं, उन्हें भी गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। जंगलों की कटाई हो रही है, और जो विरोध करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।”

कांग्रेस ने इसे एक राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा है कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।