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केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को गृह और पंचायत मंत्री विजय शर्मा…

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा –

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Shiv Mar 10, 2026 3 min read

दिल्ली। जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की उस…

उड़ान योजना और हवाई अड्डों के विस्तार पर संसद की बैठक में उठी चर्चा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे सुझाव

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

नई दिल्ली/रायपुर।  रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार…

प्रदेश में नशे के कारोबार पर सरकार सख्त, अफीम खेती मामले में मंत्री का बयान

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Shiv Mar 10, 2026 1 min read

रायपुर। दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का मामला…

गैस सिलेंडर हादसे में मुआवजा देना होगा: IOC और SBI इंश्योरेंस की अपील खारिज

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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट…

March 10, 2026

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‘ज्ञानगुड़ी’ से दमका बस्तर, नक्सल प्रभावित इलाकों के बच्चों ने किया NEET क्वालीफाई…

जगदलपुर- इस बार नीट (NEET) क्वालीफाई करने वाले बच्चों में दंतेवाड़ा के विधायक रहे भीमा मंडावी की जहां हत्या हुई थी, उस गांव का लखूराम पोड़ियामी और बस्तर के पहले बारूदी विस्फोट वाले गांव बंगोली का समीर मरकाम भी शामिल है. 

जिला प्रशासन द्वारा संचालित ज्ञानगुड़ी कोचिंग सेंटर में पढ़ाई करने वाले 76 बच्चों में 64 ने नीट क्वालीफाई किया है. इनमें 36 बच्चे रेगुलर क्लास के हैं, जबकि अन्य ने क्रैश कोर्स व समय-समय पर कोचिंग ली है.

नीट क्वालीफाई करने वाले बच्चों से कलेक्टर विजय दयाराम ने मुलाकात करने के साथ चर्चा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि मेहनत का कोई लक्ष्य नहीं होता. कर्तव्य करते रहें, सफलता कदम चूमती है. आपकी सफलता से बस्तर गौरवान्वित हुआ है. कलेक्टर ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि बस्तर के बच्चों ने डॉक्टर बनने नीट क्वालीफाई किया. उन्होंने कहा कि ‘ज्ञानगुड़ी’ का मकसद यही है कि विकास को पंख मिले. आपकी सफलता को देखकर और हजारों बच्चों को प्रेरणा मिलेगी.

इस दौरान मौजूद एसपी शलभ सिन्हा ने कहा कि किसी ने कल्पना नहीं की थी कि इतनी बड़ी संख्या में बस्तर से बच्चे डॉक्टर के लिए क्वालिफाई करेंगे. प्लेटफॉर्म मिलता है तो आगे बढ़ने का मौका भी मिलता है. उन्होंने बच्चों से कहा कि डॉक्टर बनने के बाद अपने क्षेत्र का ख्याल रखें और बस्तर के प्रति गंभीर रहें. उन्होंने कहा कि बस्तर को पिछड़ा क्षेत्र के नाम से देखा जाता है. इस भ्रांति को हमें बदलना है.