Special Story

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के…

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

बैंक घोटाला: 85 लाख का गबन उजागर, 6 कर्मचारी गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

दुर्ग। दुर्ग थाना पुलगांव पुलिस ने शहर में वित्तीय लेन-देन से जुड़े एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, दुर्ग शाखा में लगभग 85 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक के 10 कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) और आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 6 आरोपी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शेष 4 की गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं।

यह कार्रवाई बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहित देशमुख द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि बैंक के संग्रहण (Collection) विभाग के कर्मचारियों ने ग्राहकों से वसूली गई ऋण किश्तों (Loan Installments) को बैंक में जमा नहीं किया और उक्त राशि का निजी उपयोग किया।

कैसे हुआ गबन का खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया कि ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक ने कुल 240 ग्राहकों को लोन प्रदान किया था। इन सभी ग्राहकों ने अपनी-अपनी किस्तें पूरी नियमितता से जमा कीं। लेकिन बैंक कर्मचारी, जिन्हें इन किश्तों की वसूली की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने रकम बैंक में जमा करने के बजाय उसे हड़प लिया। जांच में यह भी पाया गया कि 24 मई 2024 से 24 जून 2025 के बीच लगभग 84 लाख 98 हजार 940 रुपये कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों से वसूले गए, लेकिन बैंक के खाते में नहीं पहुंचे। यह राशि समय-समय पर व्यक्तिगत आवश्यकताओं, निजी खर्चों और अन्य उपयोगों में खर्च कर दी गई।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  • टीकाराम पाटले
  • आकाश नायक
  • ओम प्रकाश कोसरे
  • आर्या गोस्वामी
  • रेशमा वर्मा
  • अंकिता पासवान

पूछताछ में सभी छह कर्मचारियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उनके कबूलनामे के आधार पर पुलिस अब शेष चार कर्मचारियों की गिरफ्तारी और अन्य वित्तीय लेन-देन की जाँच में जुट गई है।पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मामला बैंक प्रणाली में आंतरिक नियंत्रण की गंभीर कमी और निगरानी तंत्र की असफलता को उजागर करता है। आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी वित्तीय अनियमितताएँ सामने आ सकती हैं।

एएसपी दुर्ग सिटी कुंदन राठौर ने बताया कि मामले में गहन जांच जारी है और वित्तीय फॉरेंसिक ऑडिट भी कराया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं और शाखाओं में भी इसी तरह की गड़बड़ी हुई है या नहीं।

यह मामला न केवल बैंकिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है बल्कि यह भी साबित करता है कि वित्तीय संस्थानों में निगरानी और जवाबदेही तंत्र मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। दुर्ग पुलिस के इस खुलासे ने शहर में हड़कंप मचा दिया है और बैंक ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।