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Shiv Mar 10, 2026 3 min read

रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर द्वारा…

साय कैबिनेट का बड़ा निर्णय, धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक मंजूर

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित…

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रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को गृह और पंचायत मंत्री विजय शर्मा…

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

March 10, 2026

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बलरामपुर कस्टोडियल डेथ: कांग्रेस आज प्रदेशभर में करेगी पुतला दहन, 3 नवंबर को प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन

रायपुर।    बलरामपुर कस्टोडियल डेथ को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई हुई है. प्रदेश में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर आज शाम प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 4 बजे जिला कांग्रेस कमेटी सरकार का पुतला दहन करने जा रही है. वहीं 28 अक्टूबर को सभी जिलों में कांग्रेस कमेटी में पत्रकारवार्ता आयोजित करेगी और 3 नवंबर को प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन किया जायेगा. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रेसवार्ता आयोजित कर इसकी जानकारी दी.

बलरामपुर घटना में पुलिस प्रशासन पर हत्या का लगाया आरोप

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने अपने बलरामपुर प्रवास की जानकारी देते हुए कहा कि पूरा छग जल रहा है. पहले बलौदाबाजार, कवर्धा, फिर सूरजपुर और अब बलरामपुर… इन घटनाओं का जिम्मेदार आखिर कौन है? बलरामपुर 3 दिन तनाव में था. पीड़ित परिवार से दो घंटे चर्चा हुई. मृतक की मौत आत्महत्या नहीं, हत्या है. चार दिनों तक मृतक और पिता को बंद करके रखा गया था. कवर्धा के प्रशांत साहू की तरह यह दूसरी घटना है… आखिर इतनी बर्बरता क्यों हो रही है?

बलरामपुर में हुई घटना को लेकर कांग्रेस की मांगे हैं कि इस मामले की उच्च न्यायालय के जज की निगरानी में जांच कराई जाये. इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी तथा टीआई की भूमिका संदिग्ध है, उन सबके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाये. डॉक्टरों का दल बना कर मृतक के शरीर का फिर से पोस्टमार्टम कराया जाए. मृतक के परिवार को 1 करोड़ मुआवजा दिया जाए. प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेकर मुख्यमंत्री इस्तीफा दे, गृह मंत्री को बर्खास्त किया जाए.

उन्होंने कहा कि राज्य में रोज-रोज घट रही घटनायें यह साबित करने के लिये पर्याप्त है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है तथा आपराधिक घटनायें रोक पाना सरकार के बस की बात नहीं है. ऐसे में सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाना चाहिये.