Special Story

छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

ShivFeb 25, 20252 min read

रायपुर।    छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई…

भारत के विकास को गति दे रहा है मध्यप्रदेश : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

भारत के विकास को गति दे रहा है मध्यप्रदेश : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

ShivFeb 25, 20257 min read

भोपाल।      केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह…

सिविल लाइन रायपुर में क्रिश्चियन समुदाय के साथ शांति समिति की बैठक हुई आयोजित

सिविल लाइन रायपुर में क्रिश्चियन समुदाय के साथ शांति समिति की बैठक हुई आयोजित

ShivFeb 25, 20253 min read

रायपुर।  पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद…

February 25, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

सहायक लोको पायलट चयन परीक्षा: कैट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

बिलासपुर। सहायक लोको पायलट चयन परीक्षा को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कैट द्वारा सहायक लोको पायलट चयन में दोबारा शॉर्ट लिस्टिंग के आदेश को यथावत रखा है और कैट के आदेश का पालन करते हुए दोबारा शॉर्ट लिस्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं. मामले की सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच में हुई.

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अगस्त 2018 को श्रेणी परिवर्तन कर सहायक लोको पायलट के 164 के अलावा अन्य पदों के लिए अधिसूचना जारी की. इसमें मांगी गई योग्यता पूर्ण करने पर ट्रैक मेंटेनर जे अनिल, शुभराम और अन्य ने आवेदन किया. इसमें चयन प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित थी, किसे ऑनलाइन आयोजित किया जाना था. 328 अभ्यर्थियों की कम्प्यूटर जांच की गई. योग्यता परीक्षण में 104 उम्मीदवारों को बुलाया गया था. मेडिकल के बाद जारी सूची में गड़बड़ी किए जाने एवं अन्य उम्मीदवारों से अधिक अंक प्राप्त होने के बाद भी उनका चयन नहीं किए जाने पर उन्होंने कैट में याचिका पेश की.

कैट ने रेलवे को एएलपी चयन प्रक्रिया में दोबारा शार्ट लिस्टिंग करने का आदेश दिया. इसके खिलाफ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रेलवे बोर्ड ने हाईकोर्ट में अपील पेश कर कैट के आदेश को निरस्त करने की मांग की.

हाईकोर्ट की डीबी ने सुनवाई के बाद कहा कि कैट ने एएलपी पद के चयन की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करते हुए एक तर्कसंगत आदेश पारित किया है. शॉर्ट लिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सूची को बिना श्रेणी में बदलाव किए फिर से तैयार करने का निर्देश दिया है. जिसे अवैध या मनमाना आदेश नहीं कहा जा सकता है.