Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

मंत्रिमंडल विस्तार विवाद पर बोले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह- न्यायालय पर रखें भरोसा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को बिलासपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उठ रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह विषय न्यायालय के विचाराधीन है। “न्यायालय पर भरोसा रखना चाहिए। हरियाणा में भी यही व्यवस्था लागू है। 13.5 को 13 भी किया जा सकता है और 14 भी। न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, वही सभी के लिए मान्य होगा।” डॉ. सिंह यहां स्वर्गीय काशीनाथ गोरे की स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यदि मंत्रियों की संख्या 14 रहती है तो यह और भी अच्छी बात होगी।

भूपेश बघेल पर कटाक्ष

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हालिया बयानों पर कटाक्ष करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बघेल के बयान पिछले कुछ दिनों से “अजीबोगरीब” हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “पता नहीं उन्हें इतनी हड़बड़ी क्यों है।” सिंह ने आगे कहा कि सरसंघचालक की बात को समझने के लिए गहन चिंतन और अधिक बुद्धि की आवश्यकता होती है।

पीएम पर अभद्र टिप्पणी की निंदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी के संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब नेता इस तरह की भाषा का उपयोग करते हैं तो स्वाभाविक है कि कार्यकर्ता भी उसी का अनुकरण करेंगे। इसे उन्होंने राजनीतिक चरित्र की “बड़ी गिरावट” बताया।

संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम

डॉ. रमन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पूरे देश में 1000 से अधिक गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं। बिलासपुर का आयोजन भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सरसंघचालक का बिलासपुर आना पूरे प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन समाज के अन्य वर्गों के लिए भी मार्गदर्शनकारी होगा।

काशीनाथ गोरे को दी श्रद्धांजलि

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय काशीनाथ गोरे को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने राजनीति की शुरुआत की थी, उस समय कवर्धा प्रवास के दौरान काशीनाथ जी से उनका सानिध्य मिला था। उन्होंने याद किया कि काशीनाथ जी के मार्गदर्शन में भारत माता चिकित्सालय जैसे सेवा प्रकल्प का विस्तार हुआ और आज यह एक बड़े प्रोजेक्ट का रूप ले चुका है, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों को शामिल किया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि काशीनाथ गोरे सहज और सरल स्वभाव के धनी थे। उनका घर हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए खुला रहता था। वे केवल भाजपा संगठन ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत थे। संघर्ष और सेवा उनके जीवन की पहचान रही और वे संघ कार्यकर्ताओं के लिए आदर्श उदाहरण हैं।

राज्यपाल नियुक्ति की अटकलों पर सफाई

अपने राज्यपाल नियुक्त किए जाने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. सिंह ने हंसते हुए कहा, “ये केवल मीडिया की खबरें हैं। मुझे छत्तीसगढ़ में ही रहने दीजिए।” उन्होंने साफ किया कि उनका फोकस प्रदेश की राजनीति और विधानसभा की जिम्मेदारियों पर है। विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. रमन सिंह ने मंत्रिमंडल विस्तार विवाद पर दिए बयान के जरिए यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा नेतृत्व न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखता है और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों से चिंतित नहीं है। वहीं, भूपेश बघेल के बयानों पर कटाक्ष और प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी की आलोचना कर उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ाने का काम किया है।