अपोलो हॉस्पिटल्स ने 8,000 से अधिक रोबोटिक सर्जरी कर रचा इतिहास, तमिलनाडु में सबसे बड़ा मल्टी-प्लेटफॉर्म रोबोटिक सर्जरी इकोसिस्टम तैयार
रायपुर। अपोलो हॉस्पिटल्स ने विभिन्न विशिष्टताओं में 8,000 से अधिक रोबोटिक सहायता प्राप्त सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह मील का पत्थर सटीक, सुरक्षित और रोगी-केंद्रित सर्जिकल देखभाल के प्रति अपोलो की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस उपलब्धि के साथ अपोलो ने तमिलनाडु का सबसे बड़ा मल्टी-प्लेटफॉर्म रोबोटिक सर्जरी प्रोग्राम और चेन्नई में सबसे व्यापक रोबोटिक सर्जिकल इकोसिस्टम स्थापित किया है, जिससे राज्य भर के मरीजों को अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीक का लाभ मिल रहा है।
अपोलो हॉस्पिटल्स ने दा विंची XI, MAKO, HUGO RAS, SSI Mantra और CMR सर्जिकल सिस्टम जैसे उन्नत प्लेटफॉर्म्स को अपनाकर एक एकीकृत रोबोटिक सर्जरी इकोसिस्टम तैयार किया है। यह मल्टी-प्लेटफॉर्म दृष्टिकोण सर्जनों को मरीज की स्थिति, प्रक्रिया की जटिलता और नैदानिक जरूरतों के आधार पर सबसे उपयुक्त तकनीक चुनने में सक्षम बनाता है, जिससे सर्जरी की सटीकता, सुरक्षा और परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होता है।
रोबोटिक सहायता प्राप्त सर्जरी अब मूत्रविज्ञान, स्त्रीरोग, सामान्य एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, कोलोरेक्टल व थोरैसिक सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, स्पाइन सर्जरी, जॉइंट रिप्लेसमेंट, ऑन्कोलॉजी और कार्डियक साइंस सहित कई विशिष्टताओं में उपलब्ध है। चुनिंदा विभागों में 30–40 प्रतिशत जटिल प्रक्रियाएं अब रोबोटिक तकनीक से की जा रही हैं, जो राज्य में उच्चतम अपनाने की दरों में से एक है।

नैदानिक परिणामों के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी से पारंपरिक सर्जरी की तुलना में मरीजों को 50 प्रतिशत तक कम रक्तस्राव, कम दर्द, तेज रिकवरी और दैनिक गतिविधियों में शीघ्र वापसी का लाभ मिल रहा है। बेहतर परिणामों और बढ़ते मरीज विश्वास के कारण रोबोटिक सर्जरी की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है।
अपोलो हॉस्पिटल्स ने सर्जनों के प्रशिक्षण, प्रमाणन और निरंतर परिणाम निगरानी में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया है, जिससे राज्य की सबसे अनुभवी रोबोटिक सर्जिकल टीमों में से एक का निर्माण संभव हुआ है। इसके साथ ही, आम जनता और मेडिकल छात्रों के लिए रोबोटिक सर्जरी के लाइव डेमोंस्ट्रेशन का आयोजन कर जागरूकता और पारदर्शिता को बढ़ावा दिया गया, जहां प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ सर्जनों से सीधे संवाद कर अत्याधुनिक तकनीक का अनुभव प्राप्त किया।
अपोलो हॉस्पिटल्स के बारे में:
1983 में डॉ. प्रताप रेड्डी द्वारा स्थापित अपोलो हॉस्पिटल्स आज दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत स्वास्थ्य सेवा मंच है। इसके नेटवर्क में 76 अस्पतालों में 10,400 से अधिक बिस्तर, 6,600 से अधिक फार्मेसियां, 264 क्लीनिक, 2,182 डायग्नोस्टिक सेंटर और 800 से अधिक टेलीमेडिसिन केंद्र शामिल हैं। अपोलो अब तक 3 लाख से अधिक एंजियोप्लास्टी और 2 लाख से अधिक हृदय शल्य चिकित्सा कर चुका है। अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार में निरंतर निवेश के साथ अपोलो अपने 1,20,000 कर्मचारियों के माध्यम से विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।






