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अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ रहे हैं अनिमेष कुजूर, अब डायमंड लीग में दौड़ने वाले पहले भारतीय बने, मुख्यमंत्री ने भी दी बधाई

जशपुर। घुइटागर गांव के 21 वर्षीय युवा धावक अनिमेष कुजूर ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का मान बढ़ा दिया। वह इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने वाले दूसरे कॉन्टिनेंटल लेवल के खिलाड़ी बन गए हैं।

200 मीटर की रेस में अनिमेष ने अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए 20.32 सेकंड में दूरी पूरी की। इस प्रतिस्पर्धा में जापान के तोवा उजावा (20.12 सेकंड) ने स्वर्ण पदक और सऊदी अरब के अब्दुल अताफी (20.31 सेकंड) ने रजत पदक जीता। इससे पहले अनिमेष का सर्वश्रेष्ठ समय 20.40 सेकंड था, जो उन्होंने कोच्चि में बनाया था।

जीत के बाद अनिमेष ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही, लेकिन बेहतरीन कर्व रनिंग ने मुझे पदक दिलाया।”

मुख्यमंत्री ने भी अनिमेष को बधाई देते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ के लाल अनिमेष कुजूर को बधाई! एशियन चैंपियनशिप से लेकर विश्व मंच तक देश-प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। 100 और 200 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ Diamond League में दौड़ने वाले पहले भारतीय बनना ऐतिहासिक उपलब्धि है।”

अनिमेष की यात्रा:

पिता की नौकरी में बार-बार स्थानांतरण होने के कारण अनिमेष की शिक्षा-दीक्षा कई स्थानों पर हुई। प्रारंभिक शिक्षा महासमुंद जिले के वेडनर मिशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से हुई, इसके बाद वे कांकेर आ गए और सेंट माइकल स्कूल से आगे की पढ़ाई पूरी की।

पिता अमृत कुजूर और माता रीना कुजूर के बड़े बेटे अनिमेष के छोटे भाई का नाम अनिकेत कुजूर है। आज उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।