छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ की महत्वपूर्ण बैठक हुई संपन्न
रायपुर। छत्तीसगढ यातायात महासंघ की प्रदेशव्यापी बैठक आज होटल सायाजी रायपुर में संपन्न हुई। बैठक में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पुरंदर मिश्रा रायपुर नगर उत्तर विधायक को छत्तीसगढ यातायात महासंघ का संरक्षक मनोनित किये जाने की विधिवत घोषणा की गयी। छत्तीसगढ यातायात महासंघ द्वारा नव नियुक्त संरक्षक का भव्य स्वागत व सम्मान किया गया। स्वागत समारोह के पश्चात छत्तीसगढ यातायात महासंघ के नव नियुक्त संरक्षक पुरंदर मिश्रा, महासंघ के समस्त प्रदेश व जिले के पदाधिकारीगण एवं राज्य के समस्त बस संचालकों द्वारा वर्तमान में उत्पन्न समस्त समस्याओं पर चर्चा की गयी जो निम्नानुसार है-

दो यात्री बसों के मध्य अंतराल निर्धारित किया जाये
परिवहन विभाग द्वारा छत्तीसगढ राज्य के भीतर दो यात्री बसों के मध्य अंतराल का निर्धारण राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 72 की उपधारा 02 के खंड 05 के तहत् आज दिनांक तक नहीं किया गया है, परमिट स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय / राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा 2–5 मिनट एवं ओवरटेकिंग समयचक के साथ वर्तमान में भी लगातार परमिट स्वीकृत किया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो चुकी है, पर्याप्त अंतराल न होने से दो बसों के संचालकों के मध्य आये दिन विवाद की स्थिति भी निर्मित होते रहती है । इस कारण निवेदन है कि राष्ट्रीय राजमार्ग में दो यात्री बसों के मध्य 10-10 मिनट, ग्रामीण क्षेत्रों में 30-30 मिनट एवं अत्यंत ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्रों में 40-40 मिनट का अंतराल निर्धारित किया जाये, राज्य के प्रत्येक मार्ग में दो यात्री बसों के मध्य अंतराल निर्धारित करने बाबत् अधिसूचना व राजपत्र जारी करने के लिये परिवहन विभाग को निर्देशित करने की कृपा करें।
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट को नियंत्रित किया जाये
2. छत्तीसगढ राज्य में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की बसें अपनी परिभाषा के विपरीत जाकर स्टेज केरिज के रूप में संचालित हो रही हैं जिससे छत्तीसगढ राज्य में पूर्व से संचालित लगभग 12000 बसें व इससे जुडा परिवार पूर्ण रूप से प्रभावित हो गया है। इसलिये यह सुझाव है कि क्षेत्रीय / राज्य परिवहन प्राधिकार से जारी परमिटों एवं पारस्परिक करार से नियत परमिटों की संख्या से जारी परमिट के मार्ग में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट को प्रतिबंधित किया जाये। इन्हें केवल परिभाषा के अनुरूप टूर के प्रयोजन के लिये ही संचालन की अनुमति दी जाये ।
सिटी बसों के संचालन को शहरी सीमा में नियंत्रित किया जाये
3. छत्तीसगढ राज्य में सिटी बसों का संचालन प्रस्तावित है जिससे स्टेज केरिज परमिट प्रभावित होने की संभावना है। इसलिये यह सुझाव है कि मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 71 की उपधारा 03 के तहत् उल्लेखित प्रावधान को दृष्टिगत रखते हुए केवल शहर सीमा के भीतर ही सिटी बस का संचालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए ।
आज की बैठक में महासंघ के नव नियुक्त संरक्षक श्री पुरंदर मिश्रा, अध्यक्ष सै. अनवर अली, संयोजक प्रकाश देशलहरा, प्रमुख सलाहकार, शिवेश सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रफुल्ल तिवारी, गणेश गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमशः रईस अहमद शकील, शिवरतन प्रसाद गुप्ता, मो. हसन खान, रमेश शर्मा, प्रदेश महासचिव, अमरजीत सिंह चहल एवं खेमराज साहू, कोषाध्यक्ष आकाशदीप सिंह गिल, सचिव चंपालाल साहू, शकुर मो., मयंक दूबे, मोहनलाल कसार, नंदलाल वर्मा, जिलाध्यक्षगण दुर्ग से अनुप यादव, बिलासपुर से श्यामलाल दूबे, पेण्डा से भरत राजपूत, बलोदाबाजर से जितेन्द्र सिंह ठाकुर, कोरबा से मुकेश जायसवाल, कवर्धा से यशवंत सिंह ठाकुर, गरियाबंद से अरशद चांगल, बेमेतरा से रामगोपाल साहू, धमतरी से महावीर गुप्ता, आरंग से दिलीप जैन, कांकेर से राजकुमार खटवानी, रायगढ से घनश्याम सिंह, जशपुर से बसंत कुमार सहित अन्य बस संचालकों में रमनबिहारी कन्नौजे, मनीष जैन, नंदकिशोर जैन, धनराज जैन, लोकेश्वर सिंह, सुमीत ताम्रकार, अभिनंदन सिंह, गणेश साहू, मो. अकरम खान, हरीकृष्ण ओगरे, मो. हनीफ सोलंकी, मो. अहमद सोलंकी, भोपेन्द्र साहू, राजेश देवांगन, सिकंदर सिंह शेखो, प्रभात ताम्रकार, उमाशंकर साहू, नागू सिंह सहित अनेकों बस
संचालक उपस्थित थे ।





