Special Story

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

सर्व आदिवासी समाज ने किया बस्तर बंद का ऐलान : जेल में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की संदिग्ध मौत पर जताई नाराजगी

जगदलपुर। रायपुर सेंट्रल जेल में आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत को लेकर बस्तर संभाग में सर्व आदिवासी समाज ने मंगलवार को बस्तर बंद का ऐलान किया है। बता दें कि जीवन ठाकुर को 12 अक्टूबर 2025 को भूमि विवाद के मामले में गिरफ्तार कर कांकेर जिला जेल में रखा गया था। इसके बाद 2 दिसंबर को उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया। 4 दिसंबर की सुबह उन्हें मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

जीवन ठाकुर चारामा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष थे। उनकी मौत के बाद सरकार ने सेंट्रल जेल रायपुर और जिला जेल कांकेर के अधीक्षकों का तबादला भी कर दिया, लेकिन सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग इससे संतुष्ट नहीं है। आदिवासी समाज ने तत्कालीन दोनों जेल अधीक्षकों को निलंबित करने और चारामा के तहसीलदार, थाना प्रभारी एवं भू-माफिया पर कार्रवाई करने की मांग की है।