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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री आनंद सर मंदिर परिसर में दर्शन कर सरोवर में पुष्प अर्पित किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री आनंद सर मंदिर परिसर में दर्शन कर सरोवर में पुष्प अर्पित किए

ShivApr 11, 20252 min read

भोपाल।    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को श्री आनंदपुर धाम…

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उन्नत और समृद्ध रही है प्राचीन भारतीय वास्तुकला : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ShivApr 11, 20253 min read

भोपाल।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीनकाल…

संत, महात्मा ज्ञान और सन्मार्ग के हैं प्रेरणा पुंज : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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ShivApr 11, 20253 min read

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार…

शिक्षा ही है विकास का मूलमंत्र- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

शिक्षा ही है विकास का मूलमंत्र- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

ShivApr 11, 20254 min read

रायपुर।   शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना…

April 11, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

अजय चंद्राकर सदन के जसप्रीत बुमराह, जानिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ऐसा क्यों कहा…

रायपुर।   छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में इस बार भाजपा विधायक अजय चंद्राकर अपने ही सरकार के खिलाफ खूब मुखर हुए. उन्होंने कई विषयों पर मंत्रियों को घेरा. यही वजह है कि बजट सत्र के समापन भाषण में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें सदन का जसप्रीत बुमराह बताया.

डॉ. रमन सिंह ने कहा, अजय चंद्राकर हमारे सदन के जसप्रीत बुमराह हैं. जिस प्रकार भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे तेज गेंदबाज बुमराह हैं, उनको इन-स्विंग एवं यार्कर डिलीवरी में महारत हासिल है. वैसे ही अजय चंद्राकर हैं. चाहे जो विषय हो, सबमें अपने संसदीय ज्ञान एवं अनुभव से सारगर्भित विचार रखते हुए सभा के एक जागरूक सदस्य होने की सार्थकता को सिद्ध करते हैं. उनके समावेशित विचार किसी विषय के सकारात्मक पक्ष एवं कमियों पर ध्यानाकर्षित कराते हुए उसके सुधार के लिए सुझावात्मक ही होते हैं, जो नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए अनुकरणीय है.

विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा, मैं सभापति तालिका के सदस्यों को धन्यवाद देता हूं कि आपने सदन के सुव्यवस्थित संचालन में मुझे सहयोग प्रदान किया. विशेषकर प्रबोध मिंज, धर्मजीत सिंह का, जिन्होंने लंबे समय तक आसंदी का संचालन किया. प्रतिपक्ष के सदस्यों ने अपने सकारात्मक सुझावों के संबंध में सरकार को सचेत करते हुए एक आदर्श प्रतिपक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाई. वहीं सत्ता पक्ष के सदस्यों ने अनुशासन के साथ सदन में अपने कार्य और आचरण को प्रदर्शित किया. इसके लिए पक्ष-प्रतिपक्ष के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं.

मंत्री पद नहीं मिला तो चंद्राकर के मन में दुख है : नेता प्रतिपक्ष

वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने सदन में विधायक अजय चंद्राकर के मंत्रियों को घेरने पर कहा, चंद्राकर सदन के वरिष्ठ नेता हैं. मंत्री पद पर अजय चंद्राकर को होना था. मंत्री पद नहीं मिला तो मन में दुख है. अजय चंद्राकर से छोटा व्यक्ति मंत्री बनकर जवाब देता है तब उन्हें सहन नहीं होता. दुख अजय चंद्राकर प्रकट करते हैं और उस मंत्री से आक्रोश से बात करते हैं.