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चार्जर के बाद अब नए स्मार्टफोन के बॉक्स से USB केबल भी ‘गायब’, इस कंपनी ने शुरू किया नया ट्रेंड

USB Cable :  स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को अब एक और एक्सेसरी के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। इंडस्ट्री में एक नया चलन शुरू हो गया है, जिसके तहत स्मार्टफोन कंपनियां अब USB चार्जिंग केबल को भी बॉक्स से हटा रही हैं।

चार्जर के बाद अब केबल की बारी

कुछ साल पहले Apple ने सबसे पहले अपने iPhone बॉक्स से चार्जिंग एडॉप्टर हटाकर ‘ई-वेस्ट कम करने’ का तर्क दिया था, जिसके बाद लगभग सभी बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों ने भी इसे अपना लिया। अब, इस दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए, कंपनियों ने USB केबल को भी बॉक्स से हटाना शुरू कर दिया है।

Sony ने की नई शुरुआत

इस नए ट्रेंड की शुरुआत Sony कंपनी ने की है। Reddit पर एक यूजर द्वारा शेयर की गई जानकारी के अनुसार, Sony ने अपने नए स्मार्टफोन Sony Xperia 10 VII के रिटेल बॉक्स में न तो चार्जर दिया है और न ही चार्जिंग केबल। बॉक्स पर स्पष्ट रूप से ऐसे संकेत बने हुए हैं कि ये एक्सेसरीज शामिल नहीं हैं।

कारण: ई-वेस्ट और लागत में कटौती

कंपनियां इस कदम के पीछे मुख्य रूप से दो कारण बता रही हैं:

ई-वेस्ट को कम करना: उनका तर्क है कि चूंकि अधिकांश उपभोक्ताओं के पास पहले से ही USB-C केबल मौजूद हैं, इसलिए हर फोन के साथ एक नई केबल देना इलेक्ट्रॉनिक कचरे (E-Waste) को बढ़ाता है।

लागत में कटौती और पैकेजिंग को छोटा करना: केबल हटाने से कंपनियों की उत्पादन लागत कम होती है और फोन का बॉक्स भी छोटा हो जाता है। इससे शिपिंग के दौरान एक साथ अधिक यूनिट्स को ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।

उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता

हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए यह एक बड़ा झटका है। एक ओर, उन्हें USB केबल अलग से खरीदनी पड़ेगी, वहीं दूसरी ओर, खराब क्वालिटी की थर्ड-पार्टी केबल इस्तेमाल करने से फोन को नुकसान पहुंचने की चिंता भी बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि Sony की इस पहल के बाद, जल्द ही अन्य बड़ी कंपनियां जैसे Samsung, Xiaomi, और OnePlus भी इसी रास्ते पर चल सकती हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय बाजार में इस नए ट्रेंड को लेकर ग्राहकों और नियामक संस्थाओं की क्या प्रतिक्रिया होती है।