Special Story

कोल लेवी प्रकरण में नई चार्जशीट, शेल फर्मों से 40 करोड़ की लेयरिंग का खुलासा

कोल लेवी प्रकरण में नई चार्जशीट, शेल फर्मों से 40 करोड़ की लेयरिंग का खुलासा

Shiv Mar 10, 2026 3 min read

रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, रायपुर द्वारा…

साय कैबिनेट का बड़ा निर्णय, धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक मंजूर

साय कैबिनेट का बड़ा निर्णय, धर्मांतरण रोकने के लिए नया विधेयक मंजूर

Shiv Mar 10, 2026 3 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित…

केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

केंद्रीय बलों के खर्च पर सदन में बहस, गृहमंत्री ने वापसी की टाइमलाइन बताई

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा में मंगलवार को गृह और पंचायत मंत्री विजय शर्मा…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

अवैध रेत खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सरपंच को किया निलंबित, अवैध कार्यों में पाई गई संलिप्तता…

गरियाबंद- छत्तीसगढ़ के महासमुंद क्षेत्र में लगातार अवैध रेत परिवहन की खबर सामने आती रहती है। ऐसे में प्रशासन भी अवैध रेत माफियाओं सहित रेत खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को परसदाजोशी की महिला सरपंच को निलंबित कर दिया गया है। 

जानकारी के अनुसार, महिला सरपंच सुनीता सोनी को अवैध परिवहन मामले में नोटिस के बावजुद परसदाजोशी पंचायत क्षेत्र के खदानों में अवैध परिवहन जारी था। इसके साथ ही अवैध रेत खनन और परिवहन में संलिप्तता पाई गई, जिसके बाद सरपंच को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है। 

बता दें, राजिम एसडीएम अर्पिता पाठक ने महिला सरपंच की संलिप्तता पाए जाने पर निलंबन कार्रवाई की है। पाठक ने बताया, कि इस पंचायत क्षेत्र में बहने वाले महानदी में लगातार अवैध रेत परिवहन जारी था, प्रसाशान समय-समय पर कार्यवाही कर रहा था, लेकिन पंचायत ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन नहीं किया। माह भर पहले पंचायत को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था, जिसका जवाब भी संतोष प्रद नही मिला। इसलिए धारा 39 के तहत कार्यवाहक सरपंच सुनीता सोनी को पद से निलंबित किया गया है।

जानकारी के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष से परसदाजोशी पंचायत अवैध खनन वाले हाई प्रोफाइल घाट के रूप में चर्चा में है।  पिछले साल तक यहां खनिज विभाग की स्वीकृत खदान थी, लेकिन चिन्हांकित स्थान के अतिरिक्त स्थानों पर लगतार अवैध माइनिंग होती रही। पंचायत आंख मूंद कर तमाशा देखता रहा और 80 हजार घन मीटर के अवैध खनन हो गई। 

बता दें, खदान का अनुबंध खत्म होने के बावजुद यहां इस साल भी अवैध परिवहन जारी रहा। इस पंचायत क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थान पर अब भी अवैध खनन जारी है। पूरे मामले में शुरू से ही पंचायत की मौन सहमति थी। महीने भर पहले नोटिस जारी हुआ तो, कार्रवाई से बचने पंचायत ने आनन-फानन में अवैध परिवहन की लिखित शिकायत तब की, जब माइनिंग विभाग व प्रसाशन ने अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी।