Special Story

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

माना एयरपोर्ट पर 3 साल पहले हुई शासकीय हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग पर अब हुई कार्रवाई

रायपुर। माना एयरपोर्ट पर तीन साल पहले हुई शासकीय हेलीकॉप्टर अगस्ता A109E की क्रैश लैंडिंग पर अब तत्कालीन चीफ पायलट पंकज जायसवाल की सेवाएं समाप्त की गई हैं. वर्तमान में वे राज्य विमानन विभाग में मुख्य सलाहकार के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

माना एयरपोर्ट पर 12 मई 2022 को हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग में कैप्टन एपी श्रीवास्तव और कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा की मौत हो गई थी. लेकिन हादसे के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई करना तो दूर घटना की जांच के आदेश भी नहीं दिए थे. इसके उलट कांग्रेस सरकार ने तत्कालीन चीफ पायलट जायसवाल को तीन लाख मासिक वेतन पर मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया था.

वहीं घटना की जांच के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की टीम यहां पहुंची और रिपोर्ट तैयार की. बताया जा रहा है कि करीब तीन महीने पहले जारी जांच रिपोर्ट हेलीकॉप्टर क्रैश होने के पीछे की लापरवाही और चूक का खुलासा किया गया है. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि माना एयरपोर्ट पर सरकारी हेलीकॉप्टर का मेंटेनेंस सिस्टम कमजोर था, यहां तक जरूरी पार्ट्स भी नहीं बदले जा रहे थे.

डीजीसीए के रिपोर्ट दिए जाने के बाद उसे उजागर नहीं किया जा रहा था. लेकिन समाचार पत्रों के माध्यम से डीजीसीए की रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य विमानन विभाग में जिम्मेदारों की भूमिका की जांच शुरू की, और तत्कालीन चीफ पायलट पंकज जायसवाल की सेवाएं समाप्त की गई.