Special Story

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, पीएम की फूंका पुतला

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

शराब पर सियासत गर्म : भूपेश बघेल ने पोस्ट किया वीडियो, लिखा- बियर के अंदर बियर

Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

‘आर्य समाज’ के नाम का अवैध इस्तेमाल करने का आरोप, हाईकोर्ट ने बिना मान्यता विवाह कराने वाले संस्थानों को जारी किया नोटिस

बिलासपुर।     हाईकोर्ट में आर्य समाज के नाम पर संचालित संस्थानों से जुड़ी याचिका पर आज सुनवाई हुई. बिना किसी संबंद्धता के आर्य समाज के नाम का इस्तेमाल कर अवैध रूप से विवाह कराने वाले सस्थानों को हाईकोर्ट ने नोटिस भेजा है. छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से इस मामले में याचिका दायर की गई है. 

याचिका में बताया गया कि रजिस्ट्रार, फर्म और सोसायटी ने छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 का उल्लंघन करते हुए कई संस्थाओं का पंजीकरण किया है. ये संस्थाएं धन कमाने के उद्देश्य से समाज शब्द का अवैध रूप से इस्तेमाल करते हैं. आर्य समाज के नियमों और सिद्धांतों का इन संस्थानों में पालन नहीं किया जाता है. ना ही हवन, सत्यसंध के कार्यक्रम होते हैं और ना ही गुरकुल से उपाधि प्राप्त कोई पुरोहित होता है. जिसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी जवाब तलब किया है.