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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

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महिला एवं बाल विकास कार्यालय में ACB का छापा: लिपिक को रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार

जशपुर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय में एसीबी ने छापा मारकर सहायक ग्रेड-02 (लिपिक) गिरीश कुमार वारे को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विभागीय गलियारों में लंबे समय से चल रही अवैध वसूली की शिकायत के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार, आरोपी लिपिक गिरीश कुमार वारे पर विभाग में कार्यरत एक भृत्य से कथित ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर भृत्य से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी इससे पहले भी ट्रांसफर कराने के नाम पर 30 हजार रुपये पहले ही वसूल चुका था।

मामले में यह भी गंभीर आरोप सामने आए हैं कि जब भृत्य ने शेष रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी लिपिक ने दबाव बनाते हुए उसकी पल्सर बाइक जबरन अपने पास रख ली थी। पीड़ित की शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूरे मामले की सत्यता की जांच की और पुष्टि होने पर कार्रवाई को अंजाम दिया।

छापे के दौरान एसीबी की टीम ने कार्यालय से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस तरह के मामलों में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी तो शामिल नहीं हैं। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग सहित पूरे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।