दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में विश्वशांति हेतु 23वे तीर्थंकर पार्श्वनाथ भगवान का रजत कलशों से की गई अभिषेक/शांति धारा
रायपुर। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (लघु तीर्थ) में आज पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष प्रतिदिन होने वाली आध्यात्मिक प्रयोगशाला में आज दिनाँक २७/०७/२०२५ तिथि : श्रावण शुक्ल तृतीया, निर्वाण संवत २५५१ दिन : रविवार को संपूर्ण विश्व में सुख, शांति, समृद्धि हेतु 23 वे तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान का रजत कलशों से अभिषेक शांति धारा किया गया।


आज प्रातः 8 बजे सभी श्रावकगणों ने शुद्ध धोती दुपट्टा धारण कर सर्वप्रथम मंगलाष्टक पाठ पढ़ा। अभिषेक का प्रासुक जल को मंत्रोच्चार से शुद्ध किया। अभिषेक पाठ पढ़ कर 23 वे तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ भगवान को श्री कार लेखनम कर पांडुलशिला में विराजमान किया गया। 4 रजत कलशों कि स्थापना कर सभी श्रावकों में समता भाव पूर्वक श्री पार्श्वनाथ भगवान का अभिषेक शुद्ध प्रासुक जल से किया। तत्पश्चात आज संपूर्ण विश्व में सुख,शांति,समृद्धि हेतु चमत्कारिक शांति धारा की गई। आज की शांति धारा करने का सौभाग्य आदेश जैन को प्राप्त हुआ। शांति धारा उपरांत सभी ने भगवान की संगीतमय मंगल आरती भी की। आरती पश्चात सभी ने अष्ट द्रव्यों से भगवान का पूजन किया। अंत में अभिषेक पाठ पढ़कर पूजन विसर्जन किया गया। आज के कार्यकम में विशेष रूप से संजय जैन सतना, प्रवीण जैन, आदेश जैन, प्रणीत जैन, श्रद्धेय जैन, दिलीप जैन, अमित जैन, रासु जैन, समित जैन, राज जैन, कृष जैन, आदि उपस्थित थे।






