Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

किसानों और महिलाओं को तकनीक व बाजार से जोड़ने जिला प्रशासन की अनूठी पहल, प्रोजेक्ट उद्यमी के अंतर्गत विशेषज्ञों से मिल रहा मार्गदर्शन

रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशन में जिला पंचायत द्वारा “प्रोजेक्ट उद्यमी” के अंतर्गत किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और नवाचारशील उद्यमियों को तकनीकी व व्यावसायिक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए “मैं भी समर्थ हूँ” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

कार्यक्रम की शुरुआत देशभर के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के साथ वर्चुअल संवाद के माध्यम से हुई। इस संवाद में ICAR-CHES भुवनेश्वर के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. पी. श्रीनिवास, विज्ञान संप्रेषक लक्ष्मीनारायण बोक्सी, उत्तरकशा नेचर विलेज के सीईओ शितिकांत बेहरा, सबुजा दुनिया प्रा. लि. के उमाशंकर, कृष्णा नायक तथा कुमार बिश्वरंजन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायपुर ने अपने अनुभव साझा किए।

इस वर्चुअल संवाद में बिहान से जुड़ी महिलाएँ, प्रगतिशील किसान, एफ.पी.ओ. पदाधिकारी, स्व-सहायता समूह, और संभावित उद्यमी शामिल हुए। प्रतिभागियों को कीट एवं रोग प्रबंधन, उन्नत बीजों का चयन, मृदा जनित समस्याओं, मूल्य संवर्धन, विपणन रणनीति और बाजार उपलब्धता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों से सीधी जानकारी प्राप्त हुई।

पहले सत्र में 52 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। संवाद के दौरान विशेषज्ञों ने न केवल तकनीकी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया, बल्कि ग्रामीण उत्पादों की बाजार पहुँच बढ़ाने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए।