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Shiv Mar 10, 2026 2 min read

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March 10, 2026

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धन्वन्तरि जयंती के पावन अवसर पर एक विशेष स्वास्थ्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का हुआ आयोजन

रायपुर। विश्व आयुर्वेद परिषद के तत्वावधान में धन्वन्तरि जयंती के पावन अवसर पर एक विशेष स्वास्थ्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस अवसर पर आयुर्वेद : स्वदेशी चिकित्सा पद्धति एवं आत्मनिर्भर भारत के संदर्भ में संवाद और विचार-विमर्श विस्तार से हुआ।

मुख्य अतिथि प्रान्त संघचालक प्रोफे. टोपलाल वर्मा ने प्रान्त की बहुल बायोडाइवर्सिटी का पूर्ण उपयोग करते हुए आयुर्वेद को जन जन तक पहुंचाने की ज़रूरत बताई। पूर्व सांसद डॉ. जांगड़े ने अपनी आयर्वेद यात्रा के अनुभव बताए। ” भारतीय स्वास्थ्य दिवस : धन्वन्तरि जयंती ” पर ” स्वास्थ्य संरक्षण ज्ञान यज्ञ ” के रजत जयंती वर्ष में ” स्वास्थ्य जागरण सप्ताह ” का आयोजन किया गया। आयुर्वेद की बढ़ती हुई रूचि के चलते परिषद अध्यक्ष डॉ. मनोहर लहेजा ने एक सिटी आयुर्वेद चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य शिक्षण केन्द्र की आवश्यकता बताई, इस हेतु पार्षद स्वप्निल मिश्रा ने सहयोग देने का आश्वासन दिया।

स्वास्थ्य जागरण सप्ताह पतंजलि यज्ञ वाटिका, ऑक्सीज़ोन उद्यान से आरम्भ होकर क्रमशः महावीर नगर, सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल, छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग, गुरुकुल आर्य समाज संगठन एवं जागृति मंडक, पंडरी के सभागार में सम्पन्न हुआ। सप्ताह भर भारतीय स्वास्थ्य चिंतन, स्वास्थ्य संरक्षण एवं आस पास उपलब्ध वनस्पतियों की उपयोगिता बताई गई। डॉ. सुनील दास, प्रोफे. पी एल चौधरी, डॉ. राजेन्द्र अग्रवाल, डॉ. अजय कुलश्रेष्ठ ने स्वस्थ रहने की विधा बताई। प्रोफे. संजय तिवारी, गिरधारी सागर, डॉ. नरेन्द्र मिश्रा, शताब्दी पाण्डे, माही बुलानी, तेजराम साहू, विवेक गनोदवाले, मावजीभाई पटेल नगर के गणमान्य नागरिक, वैद्य, चिकित्सक, समाजसेवी एवं आयुर्वेद प्रेमी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर अतिथियों के साथ, आरम्भ से जुड़े हुए वरिष्ठ कार्यकर्ता एच बी देवरस का भी शॉल श्रीफल से सम्मान किया गया। घर घर में आयुर्वेद पहुंचे और ” आयुर्वेद को राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित किया जावे “, का लक्ष्य लेकर विश्व आयुर्वेद परिषद निरंतर सक्रिय बनी रहेगी।