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उपजेल में बंद कैदी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले स्थित उप जेल में बंद कैदी उमेंद्र बघेल की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई, जिससे न केवल जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया, बल्कि मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश भी फूट पड़ा। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बघेल को झूठे शराब मामले में फंसाया गया था और जेल में उसे प्रताड़ित किया गया, जिसकी वजह से उसकी जान गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस व प्रशासन की ओर से न्यायिक प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम किया गया और शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। लेकिन पीड़ित परिवार ने सरकार से इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मृतक की पत्नी ने पुलिस और जेल प्रशासन पर लगाए आरोप

मृतक उमेंद्र बघेल की पत्नी शकुंतला बघेल ने पलारी थाना पुलिस और उप जेल बलौदाबाजार के अधिकारियों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति को 8 जून को गांव खैरी से शराब बनाने के झूठे आरोप में गिरफ्तार किया गया। उनका दावा है कि उमेंद्र शराब पीने के आदी जरूर थे, लेकिन वह कभी शराब बनाते या बेचते नहीं थे। उन्होंने कहा, “मेरे पति घर में एकलौते कमाने वाले थे। अब हमारे परिवार के सामने रोटी की भी समस्या आ गई है। अगर जेल में उनकी तबीयत बिगड़ी थी, तो हमें सूचना क्यों नहीं दी गई? यह घोर लापरवाही है।” शकुंतला बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि जेल में उनके पति के साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ी और बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने इस घटना की न्यायिक जांच कराने और अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए सरकारी सहायता की मांग की है।

पुलिस का पक्ष: न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया गया

इस पूरे घटनाक्रम पर बलौदाबाजार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि मृतक उमेंद्र बघेल को 8 जून को ग्राम खैरी से पांच अन्य आरोपियों के साथ शराब बनाते हुए पकड़ा गया था। सभी को आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अधिकारी ने बताया कि 10 जून को जेल में उमेंद्र की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 14 जून की सुबह उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मृतक का पंचनामा और पोस्टमार्टम कार्यवाही न्यायाधीश की मौजूदगी में कराई गई है, और रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

जेल प्रशासन से नहीं हो सका

संपर्क घटना के बाद जब उप जेल बलौदाबाजार के प्रभारी अभिषेक मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे बात नहीं हो सकी। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन ने न तो उन्हें समय पर जानकारी दी और न ही मृत्यु से पूर्व परिजनों से कैदी को मिलने की अनुमति दी। उमेंद्र बघेल की मौत के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों और परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पत्नी ने सरकार से अपील की है कि वह घटना की न्यायिक जांच कराए और उसके बच्चों के पालन-पोषण के लिए मुआवजा प्रदान करे।