Special Story

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में विशाल पौधारोपण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में 22 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.), रोटरी क्लब रायपुर तथा बायोटेक्नोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि वृक्षारोपण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण की गारंटी है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें संरक्षित रखें।

एन.एस.एस. समन्वयक प्रो. एल. एस. गजपाल, बायोटेनोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. केशवकांत साहू, रोटरी क्लब अध्यक्ष उत्तम गर्ग तथा कार्यक्रम अधिकारी कमलेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शोधार्थी और शिक्षकगण उपस्थित रहे।

रोटरी क्लब अध्यक्ष ने कहा कि समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। वहीं प्रो. साहू ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर को हराभरा बनाने में छात्रों की सक्रिय भूमिका जरूरी है। प्रो. एल. एस. गजपाल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना सदैव समाजोपयोगी गतिविधियों में अग्रणी रही है। वृक्षारोपण केवल परिसर को हरित बनाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह छात्रों में सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण चेतना को भी मजबूत करता है।

कार्यक्रम के दौरान लगभग 80 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इनमें आम, आंवला के पौधे प्रमुख रूप से शामिल रहे। स्वयंसेवकों ने परिसर की स्वच्छता अभियान में भी भाग लिया और “स्वच्छ परिसर–हरित परिसर” का संदेश दिया।