Special Story

16 लाख से अधिक किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण, विधानसभा में मंत्री बघेल ने दी जानकारी

16 लाख से अधिक किसानों ने किया 2 लाख 16 हजार हेक्टेयर रकबा समर्पण, विधानसभा में मंत्री बघेल ने दी जानकारी

Shiv Mar 10, 2026 2 min read

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र में आज खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री…

सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं दिखती हैं बजट में : उपमुख्यमंत्री अरूण साव

सरकार की नीति, नीयत, कार्यक्रम और योजनाएं दिखती हैं बजट में : उपमुख्यमंत्री अरूण साव

Shiv Mar 10, 2026 6 min read

रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री अरुण साव के…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

March 10, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

धान उपार्जन केंद्र में लगी भीषण आग, कार्यालय हुआ जलकर खाक

सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ मे बीती रात बोहराबहाल धान उपार्जन केन्द्र के कार्यालय में भीषण आग लग गई, जिससे कार्यालय जलकर खाक हो गया. बोहराबहाल में झोपड़ी बनाकर कार्यालय का संचालन किया जा रहा था. जहां रविवार रात 1 बजे आग लगने से करीब 10 हजार बारदाना, कंप्यूटर सेट, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, मोटरसाइकिल समेत अन्य कई कीमती सामान जलकर राख हो गए. आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन यह हादसा यह साबित करता है कि धान खरीदी के केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि धान उपार्जन केंद्रों में महज दिखावे के लिए तैयारियां की जाती हैं, जबकि सामान्य दुर्घटनाओं से निपटने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है. इस हादसे ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि करोड़ों रुपये का धान बिना किसी सुरक्षा के खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है, जो बड़ी क्षति का कारण बन सकता है.