Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

जंगल में आगजनी रोकने को लेकर बड़ी बैठक, अफसरों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश…

खैरागढ़। जंगलों में लगने वाली आग को रोकने और समय रहते उस पर काबू पाने के लिए खैरागढ़ में एक अहम कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह बैठक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में हुई. इसमें दुर्ग वन वृत्त के मुख्य वन संरक्षक, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कलेक्टर सहित कई जिलों के वन अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. बैठक में साफ कहा गया कि गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए पहले से पूरी तैयारी जरूरी है. 

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आग लगने से पहले जंगलों में फायर लाइन बनाई जाए, संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जाए और हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई हो. अधिकारियों ने बताया कि जंगलों में आग लगने के कई कारण होते हैं. महुआ बीनने, खेत और बाड़ी साफ करने, पिकनिक मनाने, बीड़ी-सिगरेट फेंकने, बिजली के तारों से चिंगारी निकलने और होली के समय लापरवाही से आग लग जाती है. इन कारणों पर रोक लगाने और लोगों को समझाने पर जोर दिया गया.

बैठक में यह भी बताया गया कि जंगल में आग लगने से पेड़-पौधों को नुकसान होता है, जमीन की नमी कम हो जाती है और पर्यावरण बिगड़ता है. इसलिए आग लगते ही उसे तुरंत बुझाना बहुत जरूरी है. इसके लिए कंट्रोल रूम बनाने, अस्थायी केंद्र तैयार रखने और जरूरी उपकरण पहले से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए. वन सुरक्षा कर्मियों को टॉर्च, जूते, पानी की बोतल, फायर ब्लोअर जैसे जरूरी सामान देने की बात कही गई. साथ ही गांवों, हाट-बाजारों और स्कूलों में पोस्टर, प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया.

अधिकारियों ने कहा कि जंगल की आग रोकने में सिर्फ वन विभाग ही नहीं, बल्कि राजस्व विभाग, पुलिस, दमकल और पंचायतों का भी सहयोग जरूरी है. अंत में अधिकारियों से कहा गया कि वे पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ काम करें, ताकि आने वाले समय में जंगलों को आग से बचाया जा सके.