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निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

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अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

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बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

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स्काउट-गाइड अनियमितता मामले में जांच समिति गठित, DEO ने 3 सदस्यीय टीम को सौंपी जांच, 7 दिन में मांगा गया रिपोर्ट

मुंगेली। जिले में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर अब प्रशासन ने औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। युवा कांग्रेस के जिला महासचिव एवं पार्षद अजय साहू द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के बाद हरकत में आए डीईओ एल.पी. डाहिरे ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने का आदेश जारी किया है।

बता दें कि शिकायत में वर्ष 2022 से 2025 के बीच संगठन के संचालन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। संगठन के अध्यक्ष और सचिव पदों पर चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी, बिना विधिवत ऑडिट किए भारी राशि आहरित करने तथा बिल-वाउचर के माध्यम से नियमविरुद्ध भुगतान किए जाने की बात कही गई थी।

कंप्यूटर ऑपरेटर पूनम शर्मा और तात्कालीन डीओसी मोरध्वज सप्रे पर संगठन की राशि के मनमाने उपयोग के आरोप लगाए गए थे। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि पिछले तीन वर्षों से आय-व्यय विवरण और ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं। मामले में निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित कर मूल बिल-वाउचर, चेकबुक और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई थी।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच समिति में जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा) अशोक कश्यप, विकासखंड शिक्षा अधिकारी जितेंद्र बावरे तथा वी.आर. साव सेजेस विद्यालय, मुंगेली के प्राचार्य पी.सी. दिव्य को शामिल किया गया है। समिति को निर्देशित किया गया है कि वह निष्पक्ष जांच कर एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करे।

यह भी कहा जा रहा है कि यह मामला पहले भी उठ चुका था, लेकिन कार्रवाई के अभाव में ठंडे बस्ते में चला गया था। अब जांच समिति के गठन के बाद यह प्रतीत हो रहा है कि शिक्षा विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लिया है। अब सभी की नजर जांच प्रतिवेदन पर टिकी है, जो तय करेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।