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April 5, 2025

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तीन मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख का जुर्माना, ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और मेस के नाम पर छात्रों से ली थी अधिक राशि

रायपुर।     प्रवेश और फीस विनियामक समिति छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई छात्रों से ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल और मेस के नाम पर अधिक राशि लिए जाने की शिकायत सही पाए जाने पर की गई है. मेडिकल कॉलेजों को छात्रों से ली गई अधिक राशि एक माह के भीतर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित छात्रों को लौटाने के निर्देश भी दिए गए हैं.

प्रवेश व फीस नियामक समिति के अध्यक्ष जस्टिस प्रभात कुमार शास्त्री ने बताया कि शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस,जुनवानी भिलाई, बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस मोवा रायपुर एवं रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस भानसोज ग्राम-गोढ़ी रायपुर में एमबीबीएस, एमडीएमएस पाठ्यक्रमों के संचालन में ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल एवं मेस के नाम पर अत्यधिक राशि प्रत्येक छात्र से लिए जाने की शिकायत मिली थी. जांच में शिकायत सही पाई गई है. उन्होंने बताया कि तीनों निजी मेडिकल कॉलेजों को जुर्माने की राशि शासन के पक्ष में एक माह के भीतर जमा करने कहा गया है. यदि एक माह के भीतर राशि जमा न की जाए तो शासन को तीनों ही मेडिकल कॉलेजों की मान्यता निरस्त करने की अनुशंसा भी की गई है.

जस्टिस शास्त्री ने बताया कि इन तीनों निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा छात्रों से अत्यधिक राशि लेने की बहुत सी शिकायतें प्राप्त होने पर समिति ने संबंधित तीनों मेडिकल कॉलेजों को सुनवाई का पूरा अवसर दिया. उनसे खाते के विवरण आदि की जानकारी प्राप्त करने के पश्चात् समिति ने यह पाया कि तीनों ही कॉलेज ट्रांसपोर्ट, हॉस्टल एवं मेस के लिए जिसे वे केवल ‘न लाभ-न हानि’ के रूप में ही संचालित कर सकते हैं अर्थात् वास्तविक खर्च को ही लेने की अधिकारिता उन्हें हैं, लेकिन उनकी ओर से मनमानी राशि छात्रों से ली जा रही है.

जांच में पाए गए ये तथ्य

श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जुनवानी भिलाई द्वारा ट्रांसपोर्टेशन मद में 2.50 लाख रुपए की राशि ली जा रही है, जबकि वास्तविक राशि 4,635 रुपए है. इसी तरह हॉस्टल मद में 2.46 लाख रुपए की राशि ली जा रही है, जबकि वास्तविक राशि 53,337 रुपए है. मेस चार्ज के रूप में 56,700 रुपए की राशि ली जा रही है, जबकि वास्तविक राशि 51,015 रुपए है. इस तरह छात्र से 4,43,713 रुपए अधिक राशि ली जा रही है.

इसी तरह बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस मोवा रायपुर द्वारा तीनों मद में 5.50 लाख रुपए राशि ली जा रही है, जबकि ट्रांसपोर्टेशन मद में वास्तविक राशि 13,719 रुपए, वास्तविक राशि 50,583 रुपए और मेस चार्ज की वास्तविक राशि 27,476 रुपए है. इस प्रकार 4,58,222 रूपए अधिक राशि छात्रों से ली जा रही है.

रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस भानसोज, ग्राम गोढ़ी रायपुर द्वारा तीनों मद में 5.50 लाख रुपए की राशि ली जा रही है, जबकि ट्रांसपोर्टेशन मद में वास्तविक राशि 13,384 रुपए, वास्तविक राशि 37,748 रुपए और मेस चार्ज की वास्तविक राशि 45,275 रुपए है. इस प्रकार 4,53,593 रूपए अधिक राशि छात्रों से ली जा रही है.

महीनेभर में जुर्माना नहीं पटाने पर निरस्त हो सकती है मान्यता

तीनों मेडिकल कॉलेजों को छात्रों से ली गई अधिक राशि को एक माह के भीतर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित छात्रों के खाते में जमा करने एवं तीनों ही कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना भी आरोपित किया गया है, जो शासन के पक्ष में एक माह के भीतर जमा करना होगा. यदि एक माह के भीतर राशि जमा नहीं की जाएगी तो शासन को तीनों ही मेडिकल कॉलेजों की मान्यता निरस्त करने की अनुशंसा भी की गई है.