Special Story

नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म, हाईकोर्ट ने आरोपी जीजा को सुनाई 20 साल की सजा

नाबालिग साली के साथ दुष्कर्म, हाईकोर्ट ने आरोपी जीजा को सुनाई 20 साल की सजा

ShivApr 4, 20252 min read

बिलासपुर।  हाईकोर्ट ने 13 साल की नाबालिग साली के साथ…

वक्फ बिल के संसद में पारित होने पर मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी का जताया आभार, विपक्ष पर साधा निशाना

वक्फ बिल के संसद में पारित होने पर मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी का जताया आभार, विपक्ष पर साधा निशाना

ShivApr 4, 20252 min read

रायपुर। वक्फ संशोधन बिल पास होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए हमेशा से आगे रहा है अग्रवाल समाज -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मानवता की सेवा और दानशीलता के लिए हमेशा से आगे रहा है अग्रवाल समाज -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

ShivApr 4, 20252 min read

रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल…

April 4, 2025

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

वन भूमि पर सार्वजनिक उपयोग के लिए हो रहा था निर्माण कार्य, हाईकोर्ट ने लगाई रोक, केंद्र और राज्य शासन से मांगा जवाब

बिलासपुर।     हाईकोर्ट ने वन भूमि पर कराए जा रहे गैर वानिकी निर्माण पर रोक लगा दिया है और यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने केंद्र और राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

दरअसल सारंगढ़ जिले के ग्राम पंचायत सिंघानपुर में सरपंच के माध्यम से वन भूमि पर राज्य शासन की ओर से सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्माण कार्य कराया जा रहा था। यह भूमि अभिलेख में छोटे झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज है। गांव की निवासी जानकी निराला ने इस निर्माण के विरुद्ध तहसीलदार के समक्ष शिक़ायत करते हुए बताया कि इस निर्माण से वन भूमि को परिवर्तित किया जा रहा है। तहसीलदार ने मौका जांच कराने के बाद पाया कि निर्माण कार्य वन भूमि पर किया जा रहा है। इसके बाद भी इस पर रोक के लिए प्रस्तुत आवेदन तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने खारिज कर दिया।

इसे लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिसमें बताया गया कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अनुसार केवल केंद्रीय सरकार की अनुमति से ही वन भूमि पर गैर वानिकी निर्माण कार्य किया जा सकता है। वन भूमि का गैर वानिकी परिवर्तन दंडनीय अपराध है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश कहा है।