Special Story

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

रायपुर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, 10 दिन में 614 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे…

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

दुर्ग अफीम खेती मामला: सीएम साय बोले– दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की मुलाकात

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

200 बैंक कर्मियों ने परिजनों सहित प्रदर्शन कर बैंक अधिकारियों की हुई गिरफ्तारी का जताया विरोध

रायपुर।    इंडियन ओवरसीज़ बैंक के रायपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष प्रदेशभर से आए लगभग 200 बैंककर्मी अपने परिजनों सहित एकत्र हुए और हाल ही में छत्तीसगढ़ में कुछ बैंक अधिकारियों की हुई गिरफ्तारियों के विरोध में अपनी गहरी नाराज़गी और भय व्यक्त किया।

इस संदर्भ में, आल इंडिया बैंक अधिकारी महासंघ (AIBOC) छत्तीसगढ़ राज्य इकाई के राज्य सचिव वाई गोपाल कृष्णा ने कहा कि लगातार हो रही गिरफ्तारियों और पुलिस की चेतावनी ने पूरे बैंकिंग समुदाय को गहरे भय और असुरक्षा के वातावरण में डाल दिया है । सभी बैंक अधिकारी बैंक की निर्धारित नीतियों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ही खाते खोलते हैं। यदि केवल खाते खोलने की प्रक्रिया को आधार बनाकर निर्दोष अधिकारियों को दोषी ठहराया जाएगा तो भविष्य में अधिकारी खाते खोलने से हिचकिचाएँगे। इससे सरकार की वित्तीय समावेशन योजना गंभीर रूप से प्रभावित होगी और अंततः आम नागरिक को ही सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

कॉमरेड गोपाल कृष्णा ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी की संलिप्तता यदि ठोस प्रमाणों के साथ सिद्ध होती है तो उसका समर्थन नहीं किया जाएगा। लेकिन केवल आशंका या सतही आधारों पर अधिकारियों को गिरफ्तार करना न्यायोचित नहीं है।

सभी बैंक अधिकारियों ने राज्य प्रशासन और पुलिस से यह आग्रह किया कि किसी भी कार्रवाई से पूर्व ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए जाएँ, तथ्यों की जाँच विशेषज्ञ बैंक अधिकारियों की राय लेकर की जाए और निर्दोष अधिकारियों को प्रताड़ित न किया जाए।