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दुर्ग में 5 एकड़ में अवैध अफीम की खेती का खुलासा, पौधे उखाड़ने की कार्रवाई शुरू

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Shiv Mar 9, 2026 2 min read

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा में अवैध रूप से…

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Shiv Mar 9, 2026 1 min read

राजनांदगांव। देश भर में 7 मार्च से घरेलू में 60 रुपए…

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Shiv Mar 8, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलने रविवार को सोशल मीडिया…

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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Shiv Mar 8, 2026 3 min read

रायपुर। जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी…

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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Shiv Mar 8, 2026 8 min read

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के…

March 9, 2026

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7 महिला समेत 16 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 70 लाख रुपये का था इनाम

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ को 2026 तक नक्सलमुक्त बनाने के अभियान में लगातार सुरक्षाबलों को कामयाबी मिल रही है। इसी कड़ी में अबूझमाड़ क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों में सक्रिय 16 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिन पर कुल 70 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वालों में 7 महिला नक्सली भी शामिल हैं।

पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुरिया ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली अबूझमाड़ के माड़ डिविजन से जुड़े हुए हैं, जिनमें डिप्टी कमांडर और कंपनी नंबर 6 के सदस्य भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ में पुलिस की लगातार कार्रवाई, सर्च ऑपरेशन और नए पुलिस कैंपों की स्थापना से नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है, जिसके चलते वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सरेंडर नक्सलियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास और सुरक्षित जीवन की दिशा में सहयोग दिया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अबूझमाड़ के घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में हाल ही में दो नए पुलिस बेस कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे सुरक्षा बलों की पहुंच अब दूरस्थ क्षेत्रों तक बढ़ गई है। इससे एक ओर जहां ग्रामीणों में विश्वास बढ़ रहा है, वहीं नक्सल संगठन लगातार कमजोर हो रहे हैं। गौरतलब है कि अबूझमाड़, जो कभी नक्सलियों का सबसे सुरक्षित गढ़ माना जाता था, अब तेजी से शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। पुलिस की सक्रियता और स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाके में नक्सली गतिविधियों में लगातार गिरावट आ रही है।