Special Story

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट…

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से…

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम, विधानसभा पहुंचकर लिया प्रमाण पत्र, समर्थकों ने दी बधाई

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

रायपुर। छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी…

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

अस्पताल परिसर में लगी भीषण आग, आधा दर्जन कंडम एंबुलेंस समेत अन्य वाहन जलकर खाक

Shiv Mar 9, 2026 1 min read

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में…

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

बिलासपुर में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की दबिश, होटल मैनेजर गिरफ्तार

Shiv Mar 9, 2026 2 min read

बिलासपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हुक्का बार पर…

March 9, 2026

Apni Sarkaar

जो कहेंगे सच कहेंगे

125 असिस्टेंट प्रोफेसरों की होगी भर्ती, मेडिकल कॉलेजों में सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू

रायपुर। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के 125 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को पत्र प्रेषित कर इन पदों की पूर्ति हेतु औपचारिक मांग भेजी गई है। यह मांग विभागीय स्वीकृति के अनुरूप तैयार की गई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किया जा सके।

राज्य सरकार का यह निर्णय न केवल शासकीय मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक स्टाफ की उपलब्धता को सशक्त बनाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को विशेषज्ञता-सम्पन्न एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण भी सुनिश्चित करेगा। इससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं की नींव और अधिक सुदृढ़ बनेगी।

यह पहल राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर अग्रसर बनाना प्राथमिक उद्देश्य है।