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बिलासपुर में हाईकोर्ट कर्मचारियों के लिए 112 नए आवासों का लोकार्पण, मुख्य न्यायाधीश ने सौंपी चाबियां

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायिक कर्मचारियों के लिए बोदरी स्थित रहंगी रोड, सेक्टर-3 के आवासीय परिसर में नव-निर्मित 112 आवासगृहों का बुधवार को लोकार्पण किया गया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने इन आवासों का उद्घाटन कर आवंटित कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से चाबियां सौंपीं।

नए परिसर में एच-टाइप के 32 और आई-टाइप के 80, कुल 112 आवास बनाए गए हैं। इन आवासों में भू-तल पर पार्किंग की सुविधा के साथ बेडरूम, किचन, मल्टीपरपज रूम, यूटिलिटी एरिया और प्रसाधन कक्ष की व्यवस्था की गई है। सभी भवनों में लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार व्यास, न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय, न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल, न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल, न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल, न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु और न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि यह आवास न्यायिक कर्मचारियों की लगन और परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करता है, उसे सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कर्मचारी अपने परिवार के साथ इन आवासों में सुख-समृद्धि और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत करेंगे।

उन्होंने बताया कि पदभार ग्रहण करने के बाद से राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों और बाह्य न्यायालयों का दौरा कर न्यायिक अधोसंरचना की जरूरतों का आकलन किया गया है। इसके आधार पर राज्य में न्यायिक अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

कार्यक्रम में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारी, छत्तीसगढ़ न्यायिक एकेडमी और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी तथा इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।